लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Election 2024) से पहले समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के प्रमुख अखिलेश यादव ( Akhilesh Yadav) ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार (Narendra Modi Govt.) पर हल्ला बोला है। अखिलेश ने आगामी लोकसभा चुनाव को संविधान (Constitution) और लोकतंत्र (Democracy) को बचाने वाला चुनाव भी करार दिया है।
अखिलेश यादव ने कहा, ”यह संविधान बचाने का चुनाव है। यह लोकतंत्र बचाने का चुनाव है। यह आरक्षण बचाने और अपना सम्मान बचाने का चुनाव है ।” उन्होंने कहा, ‘‘ एक समय ‘समुद्र मंथन’ (Samudra Manthan) हुआ था। अब यह ‘संविधान मंथन’ का समय है। एक तरफ, वे लोग हैं जो संविधान की रक्षा करना चाहते हैं, और दूसरी तरफ, वे लोग हैं जो संविधान को खत्म करना चाहते हैं।’’
सपा प्रमुख यहीं नहीं रुके उन्होंने आगे कहा कि उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) की जनता भव्य स्वागत भी करती है और शानदार विदाई भी देती है।अखिलेश ने इशारों ही इशारों में नरेंद्र मोदी सरकार को आड़ें हाथों लेते हुए कहा, ‘जो लोग 2014 में (सत्ता में) आए थे, वे 2024 में (सत्ता से बाहर) जाने वाले हैं। कभी, 10 साल हिटलर का समय था। वह वहां 10 साल से ज्यादा नहीं रह सका। तो, अब इनके भी 10 साल भी पूरे हो गए हैं।’ एडॉल्फ हिटलर (Adolf Hitler) दो अगस्त 1934 से 30 अप्रैल 1945 तक जर्मनी (Germany) का फ्यूहरर था। वह 30 जनवरी 1933 से 30 अप्रैल 1945 तक जर्मनी के चांसलर (Chancellor of Germany) रहा।
अखिलेश यादव ने नवनियुक्त मंत्री ओम प्रकाश राजभर (Om Prakash Rajbhar) का नाम लिए बिना तंज कसते हुए कहा कि जब तक उन्हें विभाग आवंटित किया जाएगा और प्रमुख सचिव नियुक्त किया जाएगा, तब तक चुनाव हो जायेंगे। साथ ही अखिलेश ने यह भी दावा किया कि जब से भाजपा (BJP) सत्ता में आई है, देश में लगभग एक लाख किसान आत्महत्या (committed suicide) कर चुके हैं।
उन्होंने कहा कि अगर सपा सत्ता में आई तो वह एमएसपी के लिए कानूनी गारंटी (guarantee for MSP) देगी। सपा प्रमुख ने कहा , ‘‘किसानों की मांगें जायज हैं। एमएसपी (MSP) लागू हो और इसकी कानूनी गारंटी हो, क्योंकि खेती अर्थव्यवस्था की रीढ़ ( Agriculture is the backbone of the economy) है। अगर किसान और खेती बर्बाद हो जाएगी तो अर्थव्यवस्था (Economy) पर भी बुरा असर पड़ेगा।’’
