ED Officer Arrested: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के सहायक निदेशक संदीप सिंह यादव को मुंबई के एक जौहरी से कथित तौर पर 20 लाख रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है ।आरोपी को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की मुंबई इकाई ने दिल्ली के लाजपत नगर से रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा।वी एस गोल्ड ज्वेलरी नामक सराफा कंपनी चलाने वाले विपुल ठक्कर ने सिंह और एक अन्य ईडी अधिकारी (दोनों एजेंसी की यूनिट-1 में तैनात हैं) के खिलाफ अपनी शिकायत लेकर सीबीआई से संपर्क किया था और सीबीआई ने अपने सत्यापन कार्य के दौरान आरोपों को प्रथम दृष्टया सही पाया था।
ईडी ने संदीप सिंह , सहायक निदेशक, ईडी के खिलाफ पीएमएलए, 2002 के तहत मामला दर्ज किया और उनके घर पर तलाशी अभियान चलाया। ईडी और सीबीआई द्वारा उनके कार्यालय पर एक संयुक्त तलाशी अभियान चलाया गया। यह कार्रवाई एफआईआर और सीबीआई द्वारा संदीप सिंह की गिरफ्तारी के परिणामस्वरूप हुई थी।
— ED (@dir_ed) August 9, 2024
ख़बर के मुताबिक दिल्ली, उत्तराखंड और बेंगलुरु में पुलिस द्वारा दर्ज कई एफआईआर के आधार पर 4 अगस्त को ईडी ने विपुल ठक्कर के परिसरों पर तलाशी ली थी। उनकी कंपनी पर मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल होने का संदेह था। उस वक्त यादव, जो “सर्च वारंट प्राधिकृत अधिकारी” के रूप में कार्य कर रहे थे, ने ठक्कर के आवास की तलाशी ली थी। बाद में सिंह ने कथित तौर पर खुद को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) मामले में जांच अधिकारी के रूप में पेश किया और मामले में उनके बेटे को गिरफ्तार न करने के लिए ठक्कर से 25 लाख रुपये की रिश्वत मांगी। बातचीत के दौरान रकम घटाकर 20 लाख रुपये कर दी गई।
ईडी के अनुसार , “ईडी ने संदीप सिंह, सहायक निदेशक, ईडी के खिलाफ पीएमएलए के तहत मामला दर्ज किया और पीएमएलए, 2002 के तहत उनके घर पर तलाशी अभियान चलाया। ईडी और सीबीआई द्वारा उनके कार्यालय में एक संयुक्त तलाशी अभियान चलाया गया। यह कार्रवाई सीबीआई द्वारा संदीप सिंह की एफआईआर और गिरफ्तारी के परिणामस्वरूप की गई।”
सीबीआई की कार्रवाई के बाद ईडी ने भी सिंह के खिलाफ पीएमएलए का मामला दर्ज किया। साथ ही उन्हें
तत्काल निलंबित करने तथा उसके मूल विभाग में वापस भेजने की कार्रवाई भी शुरू कर दी।
