Rahul Gandhi On Exam System: संसद का बजट सत्र आज यानी सोमवार 22 जुलाई से शुरू हुआ। एकजुट विपक्ष ने सरकार को नीट पेपर लीक मामले और रेलवे सुरक्षा जैसे मुद्दों पर घेरा। इसके साथ ही कांवड़ यात्रा मार्ग पर आने वाले भोजनालयों में नेमप्लेट प्रदर्शित करने के उत्तर प्रदेश सरकार के आदेश, जम्मू में आतंकवादी मामलों की बढ़ती संख्या, अग्निवीर योजना, मणिपुर में आंतरिक कलह और नीट तथा अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं सहित कई विषयों पर चर्चा की मांग की। कार्यवाही शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मीडिया को संबोधित किया, लेकिन किसी भी सवाल का जवाब नहीं दिया।
लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने जब NEET में हुई गड़बड़ी पर बोल रहे थे तो विपक्ष ने हंगामा किया और उनके इस्तीफे की मांग की। शिक्षा मंत्री बोले कि मामला सुप्रीम कोर्ट में है और कोर्ट का जो भी निर्देश होगा हम उसे मानेंगे।
राहुल गांधी ने कहा,”देश को दिख रहा है कि परीक्षा सिस्टम में बहुत सी कमी है। शिक्षा मंत्री ने सबकी कमी गिना दी, लेकिन अपनी नहीं गिनाई। हमारा एग्जाम सिस्टम बकवास है।” इस पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि सिर्फ चिल्लाने से झूठ सच नहीं हो जाता। विपक्ष के नेता का यह कहना कि देश की परीक्षा प्रणाली बकवास है, बेहद निंदनीय है।
The Education Minister – far removed from India’s ground reality – claims there have been no paper leaks in the last 7 years.
The unfortunate truth is that the Indian examination system is up for sale to the rich, causing millions of students to suffer.
The issue is systemic… pic.twitter.com/PJpdjKK3jn
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) July 22, 2024
12 अगस्त तक कुल 22 दिन चलने वाले संसद के मानसून सत्र में 19 बैठकें होंगी। आज केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा इकोनॉमिक सर्वे पेश किया गया। इसमें अगले एक साल में देश की अर्थव्यवस्था का अनुमान बताया जाता है। कल यानी 23 जुलाई को आम बजट आएगा। इसके बाद 6 नए बिल पेश किए जाएंगे। जम्मू-कश्मीर का बजट भी इसी सत्र में पेश होगा।
24-26 जुलाई को बजट पर दोनों सदनों में बहस होगी, जो अगले तीन-चार दिनों तक चल सकती है।
29 जुलाई को संसद में बजट पारित होगा। 30 जुलाई को सरकार 6 नए बिल पेश करेगी। इसके तहत 90 साल पुराना एयरक्राफ्ट एक्ट बिल-1934 बदला जा सकता है।
31 जुलाई को जो पहले पेश होगा, उस पर
लोकसभा में बहस होगी। यहां से पास होने पर वह राज्यसभा में भेजा जाएगा। 1 से 12 अगस्त तक जम्मू-कश्मीर का बजट पेश होगा। 1 अगस्त से सत्र खत्म होने तक दोनों सदनों में बिल पेश होंगे, बहस होगी और पास होने पर, कानून बनने के लिए राष्ट्रपति के पास भेजा जाएगा।
