Arvind Kejriwal Bail: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को सुप्रीम कोर्ट ने आबकारी नीति मामले में शुक्रवार को उन्हें अंतरिम जमानत दे दी है। केजरीवाल को यह जमानत ED की केस में दी गयी है लेकिन, CBI का एक केस अलग से उन पर चल रहा है। वही उनकी अंतरिम जमानत पर सियासत भी शुरू हो गई है। बीजेपी के उम्मीदवारों ने सीएम पर निशाना साधना शुरू कर दिया है।
अरविन्द केजरीवाल के अंतरिम जमानत पर BJP सांसद बांसुरी स्वराज ने बयान देते हुए कहा, “आम आदमी पार्टी एक बार फिर जनता और मीडिया को गुमराह कर रही है। अरविंद केजरीवाल की याचिका में अनुरोध किया गया था कि उनकी गिरफ्तारी को अवैध घोषित किया जाए, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने कोई राहत नहीं दी और इसके बजाय मामले को बड़ी बेंच को भेज दिया… उन्हें जो अंतरिम जमानत मिली है, वह इसलिए है क्योंकि कानून के एक बिंदु को बड़ी बेंच को भेज दिया गया है और बड़ी बेंच द्वारा सुनवाई में समय लगता है…”
#WATCH दिल्ली: भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को अंतरिम जमानत दिए जाने पर कहा, “आम आदमी पार्टी एक बार फिर जनता और मीडिया को गुमराह कर रही है। अरविंद केजरीवाल की याचिका में अनुरोध किया गया था कि उनकी गिरफ्तारी को अवैध घोषित… pic.twitter.com/ZfIEfyRD7u
— ANI_HindiNews (@AHindinews) July 12, 2024
साथ ही BJP सांसद बांसुरी स्वराज ने कहा, “दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल को अंतरिम जमानत केवल इसलिए दी गई है क्योंकि कानून का एक बिंदु बड़ी बेंच को भेजा गया है… कुछ दिन पहले, ईडी ने अदालत के सामने एक विस्तृत आरोप पत्र पेश किया था। उस आरोप पत्र के अनुसार, दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल उत्पाद नीति घोटाले के सरगना थे”।
#WATCH | Delhi: BJP MP Bansuri Swaraj says, “Delhi CM Arvind Kejriwal has been granted interim bail only because one point of law has been referred to the larger bench… A few days ago, ED presented a detailed chargesheet in front of the court. As per that chargesheet, Delhi CM… pic.twitter.com/IpAtn1fjGz
— ANI (@ANI) July 12, 2024
“आज सुप्रीम कोर्ट ने संकेत दिया है कि जब भी कोई संवैधानिक पदाधिकारी ऐसे अपराध में शामिल होगा तो उसे अपने पद से इस्तीफा देना होगा… अरविंद केजरीवाल सभी को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं इस्तीफा देने को तैयार नहीं हैं, उनकी जिद दिल्ली में नीतिगत पंगुता और संवैधानिक संकट पैदा कर रही है”।
