Maharashtra Elections: महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव इस साल अक्टूबर के बजाय अब नवंबर में दिवाली के बाद होंगे जिससे महायुति सरकार को महा विकास अघाड़ी (एमवीए) से मुकाबला करने से पहले कम से कम एक महीने का समय और मिल जाएगा। शुक्रवार को भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) ने हरियाणा के साथ महाराष्ट्र का चुनाव कराने की पिछली परंपरा को खत्म कर दिया। पिछली बार महाराष्ट्र और हरियाणा के चुनाव एक साथ हुए थे।
चुनाव आयोग ने शुक्रवार को हरियाणा और जम्मू-कश्मीर के लिए कार्यक्रम घोषित करते हुए कहा कि महाराष्ट्र में मानसून की भारी बारिश के कारण मतदाता सूची को अपडेट करने में देरी हुई है। आने वाले दिनों में गणेशोत्सव, पितृपक्ष और दिवाली जैसे महत्वपूर्ण सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रम होने हैं। इस कारण चुनाव स्थगित किए गए हैं।
So, it means that the Maharashtra #AssemblyElection r likely to be held only after Diwali.
A long wait is in store.
The ruling party has gotten time to consolidate its position,while the opposition wil face the challenge of maintaining the momentum from their Lok Sabha victory. pic.twitter.com/UaBJ6k5smO
— Dinesh Mourya (@dineshmourya4) August 16, 2024
जम्मू-कश्मीर में 18 सितंबर, 25 सितंबर और 1 अक्टूबर को तीन चरणों में मतदान होगा। हरियाणा में मतदान 1 अक्टूबर को होना है। दोनों चुनावों के नतीजे 4 अक्टूबर को घोषित किए जाएंगे। 2019 के कार्यक्रम की तुलना में हरियाणा का कार्यक्रम 20 दिन पहले कर दिया गया है। हरियाणा और महाराष्ट्र दोनों में पांच साल पहले 21 अक्टूबर को मतदान हुआ था।
बहरहाल महाराष्ट्र सरकार को अब तमाम तरह की रियायतों, अनुदानों और बुनियादी ढांचे की परियोजनाओं के ज़रिए मतदाताओं को लुभाने के लिए ज़्यादा समय मिलेगा, जिनमें से कुछ का उद्घाटन चुनाव से पहले होने की संभावना है। सितंबर और नवंबर के बीच होने वाले गणेशोत्सव, नवरात्रि और दिवाली जैसे त्यौहार सत्तारूढ़ और विपक्षी दलों को जनता से जुड़ने का अवसर प्रदान करेंगे। हालांकि अगर आदर्श आचार संहिता लागू होती है, तो वे सार्वजनिक प्रचार से वंचित रह जाएंगे।
