Raj Thackeray on Badlapur Rape Case: महाराष्ट्र के बदलापुर के एक प्रमुख स्कूल के शौचालय में एक सफाई कर्मचारी अक्षय शिंदे द्वारा पिछले दिनों कथित तौर पर चार साल की दो लड़कियों का यौन उत्पीड़न का मामला सामने आया है। पीड़ित बच्ची के परिवार का आरोप है स्कूल ने एफआईआर दर्ज कराने में मदद नहीं की थी, जिसकी वजह से एफआईआर दर्ज होने में 12 घंटे से अधिक समय लगा। हालांकि आरोपी को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।
स्कूल में बच्चियों से छेड़छाड़ की घटना से गुस्साए पैरेंट्स ने पूरे जिले में आज यानी मंगलवार को जबरदस्त प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी अभिभावकों के साथ एकजुटता प्रदर्शित करने के लिए क्षेत्र के स्कूल मंगलवार को बंद रहे। पुलिस के मुताबिक स्कूल में घटना स्थल का सीसीटीवी बंद मिला। मामले की जांच में लापरवाही बरतने के कारण महिला पुलिस अधिकारी शुभदा शितोले का तबादला कर दिया गया है। मामला सामने आने के बाद स्कूल प्रबंधन ने प्रिंसिपल, क्लास टीचर और स्टाफ की एक महिला को सस्पेंड कर दिया है।
वही बदलापुर के इस मामले में राज ठाकरे ने पहले भी प्रतिक्रिया दी थी। वही एक बार फिर प्रतिक्रिया देते हुए सरकार, मुख्यमंत्री और लकड़ी बहिन योजना पर निशाना साधा है। “जैसा कि मैंने कल बदलापुर में हुई बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और भयावह घटना के बारे में कहा था, कार्रवाई करने में इतना समय क्यों लगा? महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना की मेरी महिला पदाधिकारियों ने इस मुद्दे के बारे में पढ़ा, मुद्दा उठाया और इससे सार्वजनिक आक्रोश फैल गया। मूलतः यह महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री का जिला है। जब इस जिले में ढाबा पर कानून थोपा जा रहा है तो अन्य जगहों पर क्या स्थिति होगी, इसकी कल्पना नहीं की जा सकती”।
बदलापूरमध्ये जी अत्यंत दुर्दैवी आणि भीषण घटना घडली, त्यावर मी काल पण म्हणलं तसं, यावर कारवाई व्हायला इतका वेळ का लागला? या विषयाला महाराष्ट्र नवनिर्माण सेनेच्या माझ्या महिला पदाधिकाऱ्यांनी वाचा फोडली, विषय लावून धरला, आणि त्यातून जनआक्रोशाला तोंड फुटलं.
मुळात हा महाराष्ट्राच्या…
— Raj Thackeray (@RajThackeray) August 21, 2024
“आज सरकार ‘लड़की बहिण’ योजना के जरिए अपना गुणगान करने में लगी है, लेकिन अगर आपकी बहन वाकई प्यारी है तो क्या यह देखना पहला कर्तव्य नहीं है कि उसके साथ ऐसा वक्त न आए और अगर वह इतनी दुर्भाग्यशाली है तो यह देखना उसे न्याय मिले? यह जनता के पैसों से, बहनों को पैसे देकर खुद की ब्रांडिंग करने से ज्यादा सुरक्षित है, भले ही इससे यह भावना पैदा हो कि यह बहुत ज्यादा है।”
“मुझे गर्व है कि मेरी पार्टी की महिला पदाधिकारियों की वजह से आज यह मुद्दा सामने आया है।’ लेकिन बुनियादी तौर पर ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कानून और उसका क्रियान्वयन जरूरी है।”
