Suitcase Murder Mystery: मुंबई के दादर रेलवे स्टेशन पर ट्राली बैग ले जा रहे दो लोगों की संदिग्ध हरकतें देख आरपीएफ के जवानों ने उन्हें रोका और बैग की तलाशी ली तो उनके होश उड़ गए। जवानों को बैग में खून से लथपथ एक शव मिला। उन दोनों को पुलिस चौकी में लाकर पूछताछ की गई तो पता चला कि यह शव उनके दोस्त अर अरशद अली नाम के शख्स का है।ग़ौरतलब बात ये थी कि मृतक तो मूक-बधिर था ही, दोनों आरोपी भी मूक-बधिर हैं, इसलिए उनके बयान लेने के लिए पुलिस को सांकेतिक भाषा विशेषज्ञ की मदद लेनी पड़ी।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया, “दोनों आरोपी आधी रात को दादर से तुतारी एक्सप्रेस पकड़ने जा रहे थे। सूटकेस को लेकर हुए संदेह के आधार पर रेलवे पुलिस ने उन्हें किनारे खड़े होने को कहा। इस दौरान उनमें से एक शिवजीत मौके से भाग गया। पर दूसरे व्यक्ति प्रवीण चावड़ा को स्टेशन पर ही हिरासत में ले लिया गया। उसके साथी को बाद में उल्हासनगर से गिरफ्तार किया गया। दादर जीआरपी ने शुरू में हत्या का मामला दर्ज किया था, लेकिन चूंकि घटना उनके पायधूनी पुलिस थाने के अधिकार क्षेत्र में हुई थी, इसलिए जांच को पायधूनी पुलिस स्टेशन को स्थानांतरित कर दिया गया।
Mumbai Man’s Body Found In Suitcase At Dadar Railway Station, 2 Arrested.
Two Deaf n Mute Murdered the Third One
Accused names are Jai Praveen Chavda & Shivjeet Surendra Singh.
– Both were involved in the murder of Arshad Ali Sheikh.Reason: Fight Over Female Friend pic.twitter.com/T9wRZGqYUb
— زماں (@Delhiite_) August 6, 2024
पुलिस सूत्रों के अनुसार आरोपियों ने सांताक्रुज में रहने वाले मृतक अर्शद को पार्टी के लिए मुंबई के पायधुनी इलाके में अपने घर पर बुलाया था। पार्टी के दौरान उनके बीच एक महिला मित्र को लेकर कहा-सुनी हुई और देखते ही देखते यह विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपियों ने अरशद अली के सिर में हथौड़ा मारकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद शव को ठिकाने लगाने के लिए उसे सूटकेस में पैक किया और वे सूटकेस लेकर दादर से छूटने वाली तुतारी एक्सप्रेस ट्रेन से यात्रा करने वाले थे, ताकि बीच में कहीं मौका देखकर लाश को ठिकाने लगा सकें। लेकिन उसके पहले ही रेलवे पुलिस के बैग चेकिंग अभियान के दौरान पुलिस के हत्थे चढ़ गये। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल किया गया हथियार भी जब्त कर लिया है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि हत्या पूर्व नियोजित थी या फिर गुस्से में आकर की गई।
