Dahi Handi Utsav: भगवान कृष्ण के जन्म के उपलक्ष्य में मनाए जाने वाले जन्माष्टमी उत्सव का एक हिस्सा दही हांडी उत्सव में लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। मुंबई और राज्य के अन्य हिस्सों में यह त्यौहार पारंपरिक उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया। मुंबई और आस-पास के इलाकों में राजनेताओं द्वारा प्रायोजित दही हांडी में मशहूर हस्तियों की मौजूदगी और मनोरंजन कार्यक्रमों के कारण भीड़ उमड़ पड़ी। दही हांडी तोड़ने के लिए विभिन्न गोविंदा पथकों का उत्साह देखते ही बनता था। कई महिला गोविंदा समूहों ने भी दही हांडी तोड़ने की कोशिश की। लेकिन हर साल की तरह इस साल भी दही हांडी तोड़ते वक्त काफी गोविंदा घायल हो गए।
बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) और अन्य निजी अस्पतालों की बुधवार को दी गई नवीनतम रिपोर्ट के मुताबिक दही हांडी समारोह के दौरान मुंबई में घायल गोविंदाओं की संख्या बढ़कर 245 हो गई है। ठाणे से भी 15 गोविंदाओं के घायल होने की खबर है जिनका इलाज विभिन्न निजी और सरकारी अस्पतालों में इलाज चल रहा है। जबकि 213 लोगों को विभिन्न अस्पतालों से छुट्टी दे दी गई है।
ठाणे शहर के टेंभी नाका में दही हांडी कार्यक्रम में शामिल हुए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि उनके गुरु आनंद दिघे ने इस त्योहार को पुनर्जीवित किया है तथा परंपराओं और सामुदायिक भावना को बढ़ावा दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य प्रशासन ने स्वतंत्र और सुरक्षित दही हांडी समारोह की अनुमति देकर एमवीए शासन के दौरान लगाए गए प्रतिबंधों को हटा दिया था।
महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों और अन्य स्थानों पर यौन उत्पीड़न के मामलों के मद्देनजर, कई गोविंदा समूहों ने मुंबई,ठाणे और अन्य स्थानों पर दही हांडी फोड़ते समय बैनर और पोस्टरों पर महिला सुरक्षा संबंधी सामाजिक संदेश भी प्रदर्शित किए। वर्ली के जम्बूरी मैदान में भाजपा नेता के एक कार्यक्रम के दौरान गोविंदाओं की एक टीम ने चार स्तरीय पिरामिड बनाकर ‘छत्रपति शिवाजी महाराज द्वारा अफजल खान की हत्या’ का दृश्य प्रदर्शित किया।
उत्सव के कारण शहर के कई इलाकों में यातायात जाम हो गया, क्योंकि प्रमुख चौराहों और जंक्शनों पर दही हांडी लटकाई गई थी। फिर सड़कों पर बेतरतीब ढंग से खड़े दोपहिया वाहनों और अन्य वाहनों ने परेशानी को और बढ़ा दिया। बेस्ट ने शहर भर में 55 से अधिक बस मार्गों को परिवर्तित कर दिया या उनकी यात्रा को बीच में ही समाप्त कर दिया। सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था के लिए 11,000 से अधिक पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया था।
