Ghaziabad Beaten Case: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में झुग्गी झोपडी में रह रहे लोगों को हिंदू रक्षा दल के लोगों ने पिटा और उनके झोपडी को आग लगा दी। साथ ही हिंदू रक्षा दल के लोगों ने उन पर आरोप लगाए है की वह लोग बांग्लादेश के मुस्लिम निवासी है और वहा से भाग कर आये है। झोपड़ी रह रहे लोग को मरने वाले हिंदू रक्षा दल के के खिलाफ FIR दर्ज की गयी है।
गाजियाबाद में झुग्गी झोपडी में रह रहे लोगों के साथ हुए हिंसक मामले पर अखिलेश यादव की प्रतिक्रिया सामने आई है। साथ ही अखिलेश यादव ने इस मामले में न्यायालय से स्वतः संज्ञान लेने का आग्रह किया है। अखिलेश यादव ने अपने X अकाउंट पर पोस्ट जारी कर अपनी प्रतिक्रिया दी है। अखिलेश यादव ने जारी किये पोस्ट में लिखा, “क़ानून हाथ में लेने का अधिकार तो सरकार को भी नहीं है फिर उनके संगी-साथी गुर्गों को कैसे हो सकता है। इस हिंसक मामले में माननीय न्यायालय से स्वतः संज्ञान लेने का आग्रह है। आशंका की शिकायत होनी चाहिए, मनमानी हिंसा नहीं। कहीं ये भी ‘भारतीय ज़मीन पार्टी’ का कोई खेल तो नहीं, जो जमीन खाली कराने का ये नायाब तरीका निकाल रही है।”
क़ानून हाथ में लेने का अधिकार तो सरकार को भी नहीं है फिर उनके संगी-साथी गुर्गों को कैसे हो सकता है। इस हिंसक मामले में माननीय न्यायालय से स्वतः संज्ञान लेने का आग्रह है।
आशंका की शिकायत होनी चाहिए, मनमानी हिंसा नहीं। कहीं ये भी ‘भारतीय ज़मीन पार्टी’ का कोई खेल तो नहीं, जो ज़मीन… pic.twitter.com/zYy5oNYear
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) August 10, 2024
अखिलेश यादव ने आगे लिखा, “ऐसी घटनाओं से उप्र की छवि खंडित हो रही है। देश की राजधानी के इतने क़रीब घटे इस कुकृत्य के इस पक्ष की भी जांच हो कि कहीं ये सब आपस में लड़ते दो पक्षों के बीच की लड़ाई का परिणाम तो नहीं है। कहीं कोई लखनऊ को ये संदेश तो नहीं दे रहा है कि हमें आपके शासन-प्रशासन पर कोई भरोसा नहीं है और नहीं उसका कोई डर है, इसलिए हम ही आशंका पर आरोप लगाएंगे, हम ही डंडा चलाएँगे।”
