Leader Of Opposition कांग्रेस में यह मांग तेज हो रही है कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष की भूमिका में आना चाहिए। विपक्ष की सबसे बड़ी पार्टी होने के बावजूद पिछली दो लोकसभा में कांग्रेस 10 फीसदी सीटें भी नहीं ला पाई थी, जिसके चलते उसे नेता प्रतिपक्ष का दर्जा नहीं मिला। इस बार पार्टी को 99 सीटें मिली है। इसके बाद कांग्रेस का नेता प्रतिपक्ष के पद का दावा बनता है। कांग्रेस के भीतर एक राय है कि राहुल गांधी को नेता प्रतिपक्ष बनना चाहिए। पिछले दिनों कांग्रेस वर्किंग कमिटी की मीटिंग से लेकर कांग्रेस संसदीय दल की बैठक तक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे सहित तमाम नेताओं ने एक सुर से राहुल गांधी के सामने अपनी मांग रखी। इस मांग पर राहुल गांधी ने सोचने के लिए कुछ वक्त मांगा है।
इंडिया गठबंधन में कांग्रेस के बाद समाजवादी पार्टी के पास सबसे ज्यादा 37 सांसद हैं। अगर कांग्रेस इस पद को स्वीकार नहीं करती है, तो फिर ये पद खाली ही रहेगा। कानून के मुताबिक, कोई और पार्टी इस पर दावा नहीं कर सकती। 24 जून से लोकसभा सत्र शुरू होगा। इसके दो दिन बाद 26 जून को सभी सांसद शपथ लेंगे। फिर लोकसभा स्पीकर का चुनाव होगा। स्पीकर के बाद लीडर ऑफ अपोजिशन का फैसला होगा। अगर कांग्रेस लीडर ऑफ अपोजिशन नहीं चुनती है तो इस बार भी संसद बिना विपक्ष के नेता के ही चलेगी।
