Waqf Amendment Bill: वक्फ बोर्ड बिल मामले पर दिग्गज नेताओं की प्रतिक्रिया सामने आई है। बसपा प्रमुख मायावती ने X अकाउंट पर पोस्ट करते हुए यूपी सरकार द्वारा मस्जिद, मदरसा, वक्फ आदि मामलों में जबरदस्ती की दखलंदाजी, मंदिर-मस्जिद, जाति, धर्म व साम्प्रदायिक उन्माद आदि की आड़ में कांग्रेस व भाजपा की राजनीति और संसद में पेश वक्फ (संशोधन) विधेयक पर बात की। वही समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की प्रतिक्रिया सामने आई है।
सपा सांसद अखिलेश यादव ने लोकसभा में वक्फ (संशोधन) विधेयक 2024 को लेकर कहा, जो बिल पेश किया जा रहा है वो बहुत ही सोची समझी राजनीति के तहत हो रहा है। अध्यक्ष महोदय, मैंने लॉबी में सुना कि आपके कुछ अधिकार भी छीने जा रहे हैं और हमें आपके लिए लड़ना होगा. मैं इस बिल का विरोध करता हूं”।
‘वक़्फ़ बोर्ड’ का ये सब संशोधन भी बस एक बहाना है
रक्षा, रेल, नज़ूल लैंड की तरह ज़मीन बेचना निशाना हैवक़्फ़ बोर्ड की ज़मीनें, डिफ़ेंस लैंड, रेल लैंड, नज़ूल लैंड के बाद ‘भाजपाइयों के लाभार्थ योजना’ की शृंखला की एक और कड़ी मात्र हैं। भाजपा क्यों नहीं खुलकर लिख देती : ‘भाजपाई-हित… pic.twitter.com/VwK3YyWAG5
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) August 8, 2024
इसी के साथ अखिलेश यादव ने अपने X अकाउंट पर ट्वीट पोस्ट करते हुए कहा, “‘वक़्फ़ बोर्ड’ का ये सब संशोधन भी बस एक बहाना है। रक्षा, रेल, नजूल लैंड की तरह जमीन बेचना निशाना है। वक़्फ़ बोर्ड की ज़मीनें, डिफेंस लैंड, रेल लैंड, नजूल लैंड के बाद ‘भाजपाइयों के लाभार्थ योजना’ की श्रृंखला की एक और कड़ी मात्र हैं। भाजपा क्यों नहीं खुलकर लिख देती : ‘भाजपाई-हित में जारी’। इस बात की लिखकर गारंटी दी जाए कि वक़्फ़ बोर्ड की ज़मीनें बेची नहीं जाएंगी।भाजपा रियल स्टेट कंपनी की तरह काम कर रही है। उसे अपने नाम में ‘जनता’ के स्थान पर ‘ज़मीन’ लिखकर नया नामकरण कर देना चाहिए : भारतीय ज़मीन पार्टी”
